वेस्टइंडीज के बल्लेबाज क्रिस गेल ने ऑस्ट्रेलिया के एक मीडिया ग्रुप के खिलाफ लगभग 3.56 करोड़ रुपए का मानहानि केस जीत लिया है। मीडिया ग्रुप फेयरफैक्स ने दावा किया था कि सिडनी में 2015 वर्ल्ड कप के दौरान गेल ने मसाज करने वाली एक महिला के सामने कपड़े उतारे थे। गेल और ड्रेसिंग रूम में उनके साथ मौजूद ड्वेन स्मिथ ने इन आरोपों से इनकार किया था।
न्यू साथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस लूसी मैक्कुलम ने कंपनी को भुगतान का निर्देश देते हुए कहा कि इन आरोपों से गेल की साख को काफी ठेस पहुंची है। मैगजीन में छपे इस लेख के बाद गेल ने मानहानि का केस करते हुए कहा था कि उनके करिअर को खत्म करने के लिए ऐसी साजिश की जा रही है।
यंका-निक की जोधपुर में शाही अंदाज में शादी होने के बाद अब मेहमानों के लौटने का क्रम शुरू हो गया। मेहमानों ने चार दिन तक जमकर नाच गाना और शादी का एंजॉय किया। निक के भाई-भाभी के अलावा परिणीति चोपड़ा भी मुंबई के लिए रवाना हो गईं।
प्रियंका की शादी में शामिल होकर लौट रहे उनके चाचा-चाची ने एयरपोर्ट पर बताया कि शादी का कार्यक्रम बेहद शानदार रहा। एकदम रॉयल वेडिंग रही। हम सभी की इच्छा भी यही थी कि प्रियंका की शादी रॉयल अंदाज में ही हो। उम्मेद भवन की व्यवस्था से सभी मेहमान बहुत खुश हुए। प्रियंका की शादी हमारे लिए यादगार लम्हा बन गया।
बहन प्रियंका की शादी में जमकर धमाल मचाने के बाद परिणीति भी एयरपोर्ट पहुंचीं। उनके चेहरे पर थकान साफ नजर आ रही थी। यही कारण रहा कि किसी सवाल का जवाब दिए बगैर वे सीधे आगे बढ़ गई। जबकि निक के भाई-भाभी ने वहां खड़े लोगों की तरफ मुस्कराते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। आज शाम तक सभी मेहमान यहां से विदा हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दोपहर सवा दो बजे रावण का चबूतरा मैदान में चुनावी सभा को सम्बोधित करेंगे। सभा में शामिल होने के लिए लोग पहुंचना शुरू हो गए। शहर में हर तरफ नारे लगाते लोग सभा स्थल की तरफ पहुंच रहे है। सभा स्थल के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए है।
प्रधानमंत्री मोदी दोपहर दो बजे जोधपुर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे रावण का चबूतरा मैदान पहुंचेंगे। मोदी का भाषण सुनने के लिए जोश से लबरेज भाजपा कार्यकर्ता रावण के चबूतरे की तरफ बढ़ रहे है। शहर में हर तरफ मोदी के नारे लगाते लोग आगे बढ़ते नजर आ रहे है। माहौल पूरी तरह से भाजपा के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
पार्टी ने मोदी की सभा में एक लाख से अधिक की भीड़ जुटाने का लक्ष्य तय कर रखा है। उसी के अनुरूप पूरे जिले से लोगों के आने का क्रम जारी है। सभा स्थल के बाहर भारी भीड़ एकत्र हो चुकी है। सभा स्थल के कई गेट पर सुरक्षा जांच के बाद लोगों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। सभी गेट पर लम्बी कतार लगी है।
Tuesday, December 4, 2018
Thursday, November 29, 2018
रजनी की फिल्म पर बैन की मांग, सीओएआई ने कहा- मोबाइल सेवाओं के बारे में भ्रम फैलाया
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म 2.0 पर बैन लगाने की मांग की है। सीओएआई ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेजी अपनी शिकायत में कहा- फिल्म के ट्रेलर में बिना किसी वैज्ञानिक तथ्य के मोबाइल फोन, मोबाइल टावर और मोबाइल सेवाओं के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है। इस शिकायत पर फिल्म के निर्माताओं ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
543 करोड़ रुपए की लागत से बनी बनी फिल्म, 120 करोड़ की एडवांस बुकिंग
2.0 की रिलीज 29 नवंबर को होनी है। 543 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस फिल्म का निर्देशन शंकर ने किया है। ये एक साइंस फिक्शन है, जिसमें रजनीकांत और अक्षय मुख्य भूमिकाओं में हैं।
2.0 में अक्षय क्रो-मैन का किरदार निभा रहे हैं। ट्रेलर में अक्षय कुमार बोलते हुए दिख रहे हैं- सेलफोन रखने वाला हर व्यक्ति हत्यारा है, उसे देखते ही लोग डर के मारे भागना शुरू कर देंगे, देखना तुम। ये भी दिखाया गया कि मोबाइल फोन की वजह से वातावरण इंसानों और पक्षियों के रहने लायक नहीं बचा।
सीओएआई ने कहा- फिल्म रिलीज होने से पहले एक बार उसका रिव्यू करना चाहिए। ट्रेलर और टीजर में बिना किसी सबूत के मोबाइल फोन और टावर को नुकसानदेह बताया है। ये भी बताया गया है कि सबसे ज्यादा प्रदूषण मोबाइल फोन ही फैला रहे हैं।
सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यु ने कहा कि इस तरह से लोगों में डर फैल जाएगा। फिल्म लोगों में मोबाइल फोन और टावरों से पैदा होने वाले रेडिएशन के बारे में भ्रम फैलाने का काम करेगी। फिल्म का सर्टिफिकेशन रद्द किया जाए और इस पर बैन लगाया जाए।
2.0 की रिलीज से पहले ही 120 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में बनाई गई यह फिल्म 2010 में आई रजनी की रोबोट का सिक्वेल है।
543 करोड़ रुपए की लागत से बनी बनी फिल्म, 120 करोड़ की एडवांस बुकिंग
2.0 की रिलीज 29 नवंबर को होनी है। 543 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस फिल्म का निर्देशन शंकर ने किया है। ये एक साइंस फिक्शन है, जिसमें रजनीकांत और अक्षय मुख्य भूमिकाओं में हैं।
2.0 में अक्षय क्रो-मैन का किरदार निभा रहे हैं। ट्रेलर में अक्षय कुमार बोलते हुए दिख रहे हैं- सेलफोन रखने वाला हर व्यक्ति हत्यारा है, उसे देखते ही लोग डर के मारे भागना शुरू कर देंगे, देखना तुम। ये भी दिखाया गया कि मोबाइल फोन की वजह से वातावरण इंसानों और पक्षियों के रहने लायक नहीं बचा।
सीओएआई ने कहा- फिल्म रिलीज होने से पहले एक बार उसका रिव्यू करना चाहिए। ट्रेलर और टीजर में बिना किसी सबूत के मोबाइल फोन और टावर को नुकसानदेह बताया है। ये भी बताया गया है कि सबसे ज्यादा प्रदूषण मोबाइल फोन ही फैला रहे हैं।
सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यु ने कहा कि इस तरह से लोगों में डर फैल जाएगा। फिल्म लोगों में मोबाइल फोन और टावरों से पैदा होने वाले रेडिएशन के बारे में भ्रम फैलाने का काम करेगी। फिल्म का सर्टिफिकेशन रद्द किया जाए और इस पर बैन लगाया जाए।
2.0 की रिलीज से पहले ही 120 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में बनाई गई यह फिल्म 2010 में आई रजनी की रोबोट का सिक्वेल है।
Tuesday, November 27, 2018
भारत आया Redmi Note 6 Pro, इसमें मिलेंगे चार कैमरे और 6 जीबी तक रैम
एसर इंडिया ने ओजो 500 नाम से एक नया वर्चुअल रियालिटी (वीआर) हेडसेट लांच कर दिया है। कंपनी द्वारा लॉन्च किया गया यह हेडसेट विंडोज मिक्स्ड रियालिटी की सेकेंड जेनरेशन वाला है। कंपनी ने आईएफए 2018 में इस पर से पर्दा उठाया था। यह डिटैचेबल डिजाइन वाला दुनिया का पहला वीआर हेडसेट है। इसकी मदद से यूजर्स को इसका इस्तेमाल करने में आसानी होगी और हेडसेट को साफ रखने में भी मदद मिलेगी।
फरवरी से शुरू होगी बिक्री: कंपनी ने इस हेडफोन की कीमत 39,999 रुपए रखी गई है और इसकी बिक्री फरवरी 2019 से शुरू होगी। ओजो 500 के सामने के हिस्से को अलग किया जा सकता है। इससे इसे रखने, लाने-ले जाने और साफ करने में आसानी होगी। ओजो 500 दो अलग-अलग तरह के हेड सपोर्ट सिस्टम के साथ आएगा। इनमें से सॉफ्ट हेड सपोर्ट वाला सिस्टम घरेलू यूजर्स के लिए बेहतर है। वहीं, हार्ड प्लास्टिक हेड सपोर्ट सिस्टम वाला हेडफोन ज्यादा मजबूत होगा और कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेहतर होगा।
आंखों को मिलेगा आराम : इस हेडफोन से यूजर्स को अधिकतम 90 हर्ट्ज पर 2880X1440 पिक्सल का रिजॉल्यूशन मिलता है। इसमें यूजर्स को 100 डिग्री विविंग एंगल भी मिलेगा। ओजो 500 इटेग्रेटेड इंटरप्यूपिलरी डिस्टेंस (आईपीडी) व्हील के साथ आएगा, जिससे इमेज क्वालिटी काफी बेहतर होगी और आखों को आराम भी मिलेगा। ओजो 500 विंडोज 10 मिक्स्ड रियालिटी सेटिंग को सपोर्ट करता है।
चीनी कंपनी Xiaomi ने गुरुवार को अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन Redmi Note 6 Pro लॉन्च कर दिया। इस फोन को दो वैरिएंट- 4 जीबी रैम और 6 जीबी रैम के साथ लॉन्च किया गया है और इन दोनों ही वैरिएंट में 64 जीबी का इनबिल्ट स्टोरेज दिया गया है। ये फोन पिछले साल लॉन्च हुए Redmi Note 5 Pro का अपग्रेड वर्जन है। इस फोन को सितंबर में थाईलैंड में लॉन्च किया गया था।
शुक्रवार से ही शुरू हो जाएगी इसकी बिक्री : Redmi Note 6 Pro की बिक्री शुक्रवार से ही फ्लिपकार्ट और mi.com पर शुरू हो जाएगी। इसके 4 जीबी रैम वैरिएंट की कीमत 13,999 रुपए और 6 जीबी रैम वैरिएंट की कीमत 15,999 रुपए रखी गई है, लेकिन शुक्रवार की सेल में इसके दोनों ही वैरिएंट पर 1 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा।
अमेजन से खरीदें Redmi 6 Pro
फ्रंट और रियर दोनों जगह होगा ड्युअल कैमरा : Redmi Note 6 Pro की खास बात ये है कि इसमें फ्रंट और रियर दोनों ही जगह ड्युअल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसके फ्रंट में 20+2 मेगापिक्सल का कैमरा मिलेगा, जो फेस अनलॉक को भी सपोर्ट करेगा। वहीं रियर पैनल पर 12+5 मेगापिक्सल का कैमरा रहेगा और ड्युअल पिक्सल ऑटोफोकस और एआई पोर्ट्रेट 2.0 के साथ आएगा।
6.26 इंच का मिलेगा डिस्प्ले : इस फोन में 6.26 इंच का फुल एचडी+आईपीएस डिस्प्ले है जिसका रेजोल्यूशन 1080X2280 है। इसके अलावा इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशो 86% है, साथ ही इसमें कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास का प्रोटेक्शन भी मिलेगा। इसके अलावा इसमें 4000mAh की बैटरी है जो क्विक चार्जिंग 3.0 को सपोर्ट करती है।
फरवरी से शुरू होगी बिक्री: कंपनी ने इस हेडफोन की कीमत 39,999 रुपए रखी गई है और इसकी बिक्री फरवरी 2019 से शुरू होगी। ओजो 500 के सामने के हिस्से को अलग किया जा सकता है। इससे इसे रखने, लाने-ले जाने और साफ करने में आसानी होगी। ओजो 500 दो अलग-अलग तरह के हेड सपोर्ट सिस्टम के साथ आएगा। इनमें से सॉफ्ट हेड सपोर्ट वाला सिस्टम घरेलू यूजर्स के लिए बेहतर है। वहीं, हार्ड प्लास्टिक हेड सपोर्ट सिस्टम वाला हेडफोन ज्यादा मजबूत होगा और कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेहतर होगा।
आंखों को मिलेगा आराम : इस हेडफोन से यूजर्स को अधिकतम 90 हर्ट्ज पर 2880X1440 पिक्सल का रिजॉल्यूशन मिलता है। इसमें यूजर्स को 100 डिग्री विविंग एंगल भी मिलेगा। ओजो 500 इटेग्रेटेड इंटरप्यूपिलरी डिस्टेंस (आईपीडी) व्हील के साथ आएगा, जिससे इमेज क्वालिटी काफी बेहतर होगी और आखों को आराम भी मिलेगा। ओजो 500 विंडोज 10 मिक्स्ड रियालिटी सेटिंग को सपोर्ट करता है।
चीनी कंपनी Xiaomi ने गुरुवार को अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन Redmi Note 6 Pro लॉन्च कर दिया। इस फोन को दो वैरिएंट- 4 जीबी रैम और 6 जीबी रैम के साथ लॉन्च किया गया है और इन दोनों ही वैरिएंट में 64 जीबी का इनबिल्ट स्टोरेज दिया गया है। ये फोन पिछले साल लॉन्च हुए Redmi Note 5 Pro का अपग्रेड वर्जन है। इस फोन को सितंबर में थाईलैंड में लॉन्च किया गया था।
शुक्रवार से ही शुरू हो जाएगी इसकी बिक्री : Redmi Note 6 Pro की बिक्री शुक्रवार से ही फ्लिपकार्ट और mi.com पर शुरू हो जाएगी। इसके 4 जीबी रैम वैरिएंट की कीमत 13,999 रुपए और 6 जीबी रैम वैरिएंट की कीमत 15,999 रुपए रखी गई है, लेकिन शुक्रवार की सेल में इसके दोनों ही वैरिएंट पर 1 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा।
अमेजन से खरीदें Redmi 6 Pro
फ्रंट और रियर दोनों जगह होगा ड्युअल कैमरा : Redmi Note 6 Pro की खास बात ये है कि इसमें फ्रंट और रियर दोनों ही जगह ड्युअल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसके फ्रंट में 20+2 मेगापिक्सल का कैमरा मिलेगा, जो फेस अनलॉक को भी सपोर्ट करेगा। वहीं रियर पैनल पर 12+5 मेगापिक्सल का कैमरा रहेगा और ड्युअल पिक्सल ऑटोफोकस और एआई पोर्ट्रेट 2.0 के साथ आएगा।
6.26 इंच का मिलेगा डिस्प्ले : इस फोन में 6.26 इंच का फुल एचडी+आईपीएस डिस्प्ले है जिसका रेजोल्यूशन 1080X2280 है। इसके अलावा इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशो 86% है, साथ ही इसमें कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास का प्रोटेक्शन भी मिलेगा। इसके अलावा इसमें 4000mAh की बैटरी है जो क्विक चार्जिंग 3.0 को सपोर्ट करती है।
Monday, November 26, 2018
दिल्ली में ISJK के 3 आतंकी गिरफ्तार, हथियार और ग्रेनेड भी बरामद
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (ISJK) के तीन आतंकियों को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. इन आतंकियों के पास से हथियार, ग्रेनेड और विस्फोटक भी बरामद हुए हैं. गिरफ्तार किए गए ये तीनों आतंकी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं.
गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान जम्मू कश्मीर के त्राल निवासी ताहिर अली खान, बडगाम निवासी हरीश मुश्ताक खान और रैनावाड़ी निवासी आसिफ सुहैल नडाफ के रूप में हुई है. ताहिर अली खान के पिता का नाम अली मोहम्मद, हरीश मुश्ताक खान के पिता का नाम मुश्ताक अहमद और आसिफ सुहैल नदाफ के पिता का नाम लतीफ बताया जा रहा है.
अमृतसर के निरंकारी भवन में आतंकी हमले के बाद इन आतंकियों की गिरफ्तारी सामने आई है. ISJK के इन आतंकियों की गिरफ्तारी से पहले अमृतसर के निरंकारी भवन में हुए हमले में दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनकी पहचान विक्रमजीत सिंह और अवतार सिंह के रूप में हुई है.
अवतार सिंह ने ही निरंकारी भवन में सत्संग कर रहे अनुयायियों पर ग्रेनेड फेंका था, जबकि विक्रमजीत सिंह भवन के बाहर मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहा था और उसने गेट पर खड़े दो लोगों को बंदूक की नोक पर ले रखा था, ताकि वे शोर न मचा सकें.
विक्रमजीत सिंह पंजाब का स्थानीय निवासी है. उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद से इस हमले को अंजाम दिया था. इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 लोग घायल हो गए थे. यह ग्रेनेड हमला अमृतसर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित आदिलवाल गांव में निरंकारी पंथ के सत्संग भवन में हुआ था.
यह हमला उस वक्त हुआ था जब लोग प्रार्थना के लिए एकत्र हुए थे. वहां करीब 200 लोग मौजूद थे. देश-विदेश में निरंकारी अनुयायियों की संख्या लाखों में है. इसका मुख्यालय दिल्ली में है. इस हमले के लिए पैसा और ग्रेनेड पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी ने मुहैया करवाया था.
पटियाला से कुछ दिन पहले पकड़े गए खालिस्तान गदर फोर्स के आतंकी शबनम दीप सिंह ने इसके लिए स्लीपर सेल के माध्यम से इन दो लड़कों को बरगला कर अपने साथ जोड़ा था. शबनम दीप सिंह ने गरीब लड़कों को खालिस्तान के नाम पर बरगला कर उनको चंद हजार रुपये देकर हैंड ग्रेनेड फेंकने के लिए तैयार किया था. उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई थी.
गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान जम्मू कश्मीर के त्राल निवासी ताहिर अली खान, बडगाम निवासी हरीश मुश्ताक खान और रैनावाड़ी निवासी आसिफ सुहैल नडाफ के रूप में हुई है. ताहिर अली खान के पिता का नाम अली मोहम्मद, हरीश मुश्ताक खान के पिता का नाम मुश्ताक अहमद और आसिफ सुहैल नदाफ के पिता का नाम लतीफ बताया जा रहा है.
अमृतसर के निरंकारी भवन में आतंकी हमले के बाद इन आतंकियों की गिरफ्तारी सामने आई है. ISJK के इन आतंकियों की गिरफ्तारी से पहले अमृतसर के निरंकारी भवन में हुए हमले में दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनकी पहचान विक्रमजीत सिंह और अवतार सिंह के रूप में हुई है.
अवतार सिंह ने ही निरंकारी भवन में सत्संग कर रहे अनुयायियों पर ग्रेनेड फेंका था, जबकि विक्रमजीत सिंह भवन के बाहर मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहा था और उसने गेट पर खड़े दो लोगों को बंदूक की नोक पर ले रखा था, ताकि वे शोर न मचा सकें.
विक्रमजीत सिंह पंजाब का स्थानीय निवासी है. उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद से इस हमले को अंजाम दिया था. इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 लोग घायल हो गए थे. यह ग्रेनेड हमला अमृतसर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित आदिलवाल गांव में निरंकारी पंथ के सत्संग भवन में हुआ था.
यह हमला उस वक्त हुआ था जब लोग प्रार्थना के लिए एकत्र हुए थे. वहां करीब 200 लोग मौजूद थे. देश-विदेश में निरंकारी अनुयायियों की संख्या लाखों में है. इसका मुख्यालय दिल्ली में है. इस हमले के लिए पैसा और ग्रेनेड पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी ने मुहैया करवाया था.
पटियाला से कुछ दिन पहले पकड़े गए खालिस्तान गदर फोर्स के आतंकी शबनम दीप सिंह ने इसके लिए स्लीपर सेल के माध्यम से इन दो लड़कों को बरगला कर अपने साथ जोड़ा था. शबनम दीप सिंह ने गरीब लड़कों को खालिस्तान के नाम पर बरगला कर उनको चंद हजार रुपये देकर हैंड ग्रेनेड फेंकने के लिए तैयार किया था. उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई थी.
Monday, November 12, 2018
ट्रंप और किम की मोहब्बत में क्या आ गई है दरार?
आपको वो वक़्त याद होगा जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन एक दूसरे के इश्क़ में गिरफ़्तार हो गए थे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि वे एक दूसरे से बात तक नहीं करते.
बल्कि लगता तो यूं है कि दोनों देश एक दूसरे को घूरे जा रहे हैं और इंतज़ार कर रहे हैं कि सामने वाले का अगला क़दम क्या होगा. दोनों में से कोई हार भी नहीं मान रहा.
दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाक़ात की भूमिका तैयार करने के लिए इस हफ़्ते जो चर्चा होनी थी, वह भी नहीं हो सकी.
किम के सहयोगी और अतिवादी माने जाने वाले किम योंग-चोल को न्यूयॉर्क आकर अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से मुलाक़ात करनी थी.
लेकिन बीबीसी को मालूम हुआ है कि जब अमरीकी विदेश मंत्रालय को पता चला कि उत्तर कोरिया से कोई रवाना ही नहीं हुआ है तो उन्होंने बैठक रद्द कर दी.
आधिकारिक संस्करण यही है कि बैठक के लिए नई तारीख़ तय की जाएगी. अमरीकी राष्ट्रपति का कहना है कि चीज़ें जैसी चल रही हैं, वे उससे 'बहुत ख़ुश' हैं और जब तक पाबंदियां लगी हुई हैं वे जल्दी में नहीं हैं.
दक्षिण कोरिया के सिओल में भी पत्रकारों से कहा जा रहा है कि बैठक के मुल्तवी होने के अतिरिक्त अर्थ न निकाले जाएं- क्योंकि अतीत में भी बैठकें टलती रही हैं.
हालांकि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 'निराशा' ज़रूर जताई है.
पढ़ें |परमाणु निरस्त्रीकरण की ओर किम का एक और क़दम
पढ़ें |'अयोध्या की वो राजकुमारी जो बनी कोरिया की महारानी'
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने बीबीसी के एक इंटरव्यू में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय जब उत्तर कोरिया को निरस्त्रीकरण के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है तो उन्हें कुछ ऊंच-नीच की भी आशंका है.
लेकिन ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उत्तर कोरिया से बातचीत और लगातार संवाद की गति खोता जा रहा है.
यहां तक कि निचले स्तर पर भी, उत्तर कोरिया में अमरीका के नए राजदूत स्टीफ़न बीगन को पद संभाले दो महीने हो गए हैं और उनकी अब तक अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष उपविदेश मंत्री चोई सुन-हुई से मुलाक़ात नहीं हुई है.
इस गतिरोध की जड़ ये है कि उत्तर कोरिया और अमरीका कभी 'निरस्त्रीकरण' के विचार पर पूरी तरह सहमत नहीं हुए.
जब वे निरस्त्रीकरण की बात करते हैं तो उसका मतलब क्या है?
यह सही है कि दोनों नेताओं के बीच सिंगापुर में एक समझौते पर दस्तख़त किए गए थे, लेकिन उस समझौते के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है. यही अधूरी जानकारी अब इस पूरी प्रक्रिया को बाधित कर रही है.
शुरू से ही उत्तर कोरिया का रुख़ साफ़ था. वे एकतरफ़ा निरस्त्रीकरण नहीं करेंगे. वे उसके बदले में कुछ चाहेंगे. इसका मतलब है कि इस वक़्त उन्हें लगता है कि प्रतिबंधों से फ़ौरी राहत पाने के लिए उसके क़दम पर्याप्त हैं.
अमरीका और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने उत्तर कोरिया पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं.
उत्तर कोरिया के क़रीब 90 फ़ीसदी निर्यात पर प्रतिबंध है, जिसमें कोयला, लौह अयस्क, सी फ़ूड और कपड़ा वगैरह है. उसके तेल ख़रीदने की भी सीमा तय है. अगर किम जोंग-उन अपने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना चाहते हैं और ऐसा वादा उन्होंने अपने देशवासियों से किया है तो वे इन पाबंदियों से निजात ज़रूर चाहेंगे.
बल्कि लगता तो यूं है कि दोनों देश एक दूसरे को घूरे जा रहे हैं और इंतज़ार कर रहे हैं कि सामने वाले का अगला क़दम क्या होगा. दोनों में से कोई हार भी नहीं मान रहा.
दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाक़ात की भूमिका तैयार करने के लिए इस हफ़्ते जो चर्चा होनी थी, वह भी नहीं हो सकी.
किम के सहयोगी और अतिवादी माने जाने वाले किम योंग-चोल को न्यूयॉर्क आकर अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से मुलाक़ात करनी थी.
लेकिन बीबीसी को मालूम हुआ है कि जब अमरीकी विदेश मंत्रालय को पता चला कि उत्तर कोरिया से कोई रवाना ही नहीं हुआ है तो उन्होंने बैठक रद्द कर दी.
आधिकारिक संस्करण यही है कि बैठक के लिए नई तारीख़ तय की जाएगी. अमरीकी राष्ट्रपति का कहना है कि चीज़ें जैसी चल रही हैं, वे उससे 'बहुत ख़ुश' हैं और जब तक पाबंदियां लगी हुई हैं वे जल्दी में नहीं हैं.
दक्षिण कोरिया के सिओल में भी पत्रकारों से कहा जा रहा है कि बैठक के मुल्तवी होने के अतिरिक्त अर्थ न निकाले जाएं- क्योंकि अतीत में भी बैठकें टलती रही हैं.
हालांकि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 'निराशा' ज़रूर जताई है.
पढ़ें |परमाणु निरस्त्रीकरण की ओर किम का एक और क़दम
पढ़ें |'अयोध्या की वो राजकुमारी जो बनी कोरिया की महारानी'
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने बीबीसी के एक इंटरव्यू में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय जब उत्तर कोरिया को निरस्त्रीकरण के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है तो उन्हें कुछ ऊंच-नीच की भी आशंका है.
लेकिन ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उत्तर कोरिया से बातचीत और लगातार संवाद की गति खोता जा रहा है.
यहां तक कि निचले स्तर पर भी, उत्तर कोरिया में अमरीका के नए राजदूत स्टीफ़न बीगन को पद संभाले दो महीने हो गए हैं और उनकी अब तक अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष उपविदेश मंत्री चोई सुन-हुई से मुलाक़ात नहीं हुई है.
इस गतिरोध की जड़ ये है कि उत्तर कोरिया और अमरीका कभी 'निरस्त्रीकरण' के विचार पर पूरी तरह सहमत नहीं हुए.
जब वे निरस्त्रीकरण की बात करते हैं तो उसका मतलब क्या है?
यह सही है कि दोनों नेताओं के बीच सिंगापुर में एक समझौते पर दस्तख़त किए गए थे, लेकिन उस समझौते के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है. यही अधूरी जानकारी अब इस पूरी प्रक्रिया को बाधित कर रही है.
शुरू से ही उत्तर कोरिया का रुख़ साफ़ था. वे एकतरफ़ा निरस्त्रीकरण नहीं करेंगे. वे उसके बदले में कुछ चाहेंगे. इसका मतलब है कि इस वक़्त उन्हें लगता है कि प्रतिबंधों से फ़ौरी राहत पाने के लिए उसके क़दम पर्याप्त हैं.
अमरीका और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने उत्तर कोरिया पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं.
उत्तर कोरिया के क़रीब 90 फ़ीसदी निर्यात पर प्रतिबंध है, जिसमें कोयला, लौह अयस्क, सी फ़ूड और कपड़ा वगैरह है. उसके तेल ख़रीदने की भी सीमा तय है. अगर किम जोंग-उन अपने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना चाहते हैं और ऐसा वादा उन्होंने अपने देशवासियों से किया है तो वे इन पाबंदियों से निजात ज़रूर चाहेंगे.
Subscribe to:
Posts (Atom)