Thursday, November 29, 2018

रजनी की फिल्म पर बैन की मांग, सीओएआई ने कहा- मोबाइल सेवाओं के बारे में भ्रम फैलाया

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म 2.0 पर बैन लगाने की मांग की है। सीओएआई ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेजी अपनी शिकायत में कहा- फिल्म के ट्रेलर में बिना किसी वैज्ञानिक तथ्य के मोबाइल फोन, मोबाइल टावर और मोबाइल सेवाओं के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है। इस शिकायत पर फिल्म के निर्माताओं ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

543 करोड़ रुपए की लागत से बनी बनी फिल्म, 120 करोड़ की एडवांस बुकिंग
2.0 की रिलीज 29 नवंबर को होनी है। 543 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस फिल्म का निर्देशन शंकर ने किया है। ये एक साइंस फिक्शन है, जिसमें रजनीकांत और अक्षय मुख्य भूमिकाओं में हैं।

2.0 में अक्षय क्रो-मैन का किरदार निभा रहे हैं। ट्रेलर में अक्षय कुमार बोलते हुए दिख रहे हैं- सेलफोन रखने वाला हर व्यक्ति हत्यारा है, उसे देखते ही लोग डर के मारे भागना शुरू कर देंगे, देखना तुम। ये भी दिखाया गया कि मोबाइल फोन की वजह से वातावरण इंसानों और पक्षियों के रहने लायक नहीं बचा।

सीओएआई ने कहा- फिल्म रिलीज होने से पहले एक बार उसका रिव्यू करना चाहिए। ट्रेलर और टीजर में बिना किसी सबूत के मोबाइल फोन और टावर को नुकसानदेह बताया है। ये भी बताया गया है कि सबसे ज्यादा प्रदूषण मोबाइल फोन ही फैला रहे हैं।

सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यु ने कहा कि इस तरह से लोगों में डर फैल जाएगा। फिल्म लोगों में मोबाइल फोन और टावरों से पैदा होने वाले रेडिएशन के बारे में भ्रम फैलाने का काम करेगी। फिल्म का सर्टिफिकेशन रद्द किया जाए और इस पर बैन लगाया जाए। 

2.0 की रिलीज से पहले ही 120 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में बनाई गई यह फिल्म 2010 में आई रजनी की रोबोट का सिक्वेल है।

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